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| इंद्रप्रस्थ अपोला अस्पताल की टीम |
104 गॉंवों की सामाजिक संस्था गढ़वाल पट्टी खाटली सामाजिक विकास मंडल, दिल्ली द्वारा उत्तराखंड के पौडी गढवाल के सुदूर पर्वतीय क्षेत्र के बीरोंखाल ब्लॉक के रसियामहादेव में अपने प्रथम निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना था, जहाँ आज भी चिकित्सा सुविधाओं की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सेवा ही परम धर्म है
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| स्वास्थ्य शिविर में बच्चों की जांच करते चिकित्सक |
इस अवसर पर इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल दिल्ली के अनुभवी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। शिविर में विभिन्न प्रकार की चिकित्सीय जाँच जैसे कि ब्लड प्रेशर व शुगर की जांच एवं परामर्श सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं, जिनमें विशेष रूप से हड्डियों के घनत्व (Bone Density) की जाँच, PHP (फेफडों की जांच), सामान्य चिकित्सा (General Medicine), बाल रोग विशेषज्ञ (Paediatrician) तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynaecologist) की सेवाएँ प्रमुख रहीं। चिकित्सीय जाँच एंव परामर्श के साथ-साथ दवाओं का निशुल्क वितरण भी किया गया।
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| दवा काउंटर |
नयी पहल नयी मिसाल
शिविर की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी रही कि आयोजन को राजनीति से दूर रखा गया और सिर्फ और सिर्फ लोगों के स्वास्थ्य पर ध्यान केन्द्रित किया गया। साथ ही स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण में उन्हें सीपीआर, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, जागरूकता और आपात स्थितियों में कार्य करने की जानकारी दी गई। साथ ही, उन्हें मेडिकल किट भी वितरित किए गए, जिससे वे अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर सकें।
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| स्कूली बच्चे प्रतिभाग करते हुए |
500 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाया जिसमें पुरुष, महिलाएं एवं बच्चे शामिल थे। शिविर में स्कूली बच्चों को भी आमंत्रित किया गया इसका उद्देश्य बच्चों को इस पहल के बारे में जागरुक करना था। जलपान के बाद बच्चों को उपहार वितरित किए गये।
यह पहल न केवल तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध हुई, बल्कि दीर्घकालिक रूप से ग्रामीण स्वास्थ्य ढाँचे को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
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| रजिस्ट्रेशन कराते ग्रामीण |
इस चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन कराने वाली संस्था गढ़वाल पट्टी खाटली सामाजिक विकास मंडल का संक्षिप्त परिचय
गढ़वाल पट्टी खाटली सामाजिक विकास मंडल - संक्षिप्त परिचय
गढ़वाल पट्टी खाटली सामाजिक विकास मंडल एक सामाजिक एवं गैर-लाभकारी संगठन है, जिसकी स्थापना उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र, विशेष रूप से “पट्टी खाटली” से जुड़े लोगों द्वारा की गई है। यह संगठन मुख्यतः दिल्ली में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडवासियों का एक संगठित मंच है, जो अपने मूल क्षेत्र के सामाजिक, शैक्षिक और विकासात्मक उत्थान के लिए समर्पित है।
मंडल का मुख्य उद्देश्य
- उत्तराखंड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में सामाजिक विकास को बढ़ावा देना
- ग्रामीण जनता को स्वास्थ्य, शिक्षा और जागरूकता सेवाएँ उपलब्ध कराना
- प्रवासी समुदाय और अपने मूल गाँवों के बीच संबंधों को सशक्त बनाना
- पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाजों और स्थानीय पहचान का संरक्षण
प्रमुख गतिविधियाँ
- निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन
- गरीब एवं जरूरतमंद छात्रों के लिए शैक्षिक सहायता
- आपदा के समय राहत एवं पुनर्वास कार्य
- ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान (स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण आदि)
विशेषता
इस संगठन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह “अपने गाँव—अपनी जिम्मेदारी” की भावना के साथ कार्य करता है। सीमित संसाधनों के बावजूद, यह मंडल स्थानीय समुदाय के सहयोग से सतत विकास के छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी प्रयास करता रहा है।
संक्षेप में, गढ़वाल पट्टी खाटली सामाजिक विकास मंडल केवल एक संगठन नहीं, बल्कि अपने मूल स्थान के प्रति समर्पण, सामाजिक जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयास का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
वर्तमान में संस्था द्वारा नई दिल्ली के किदवई नगर में खाटली दीबा मन्दिर का पुनिर्माण कराया जा रहा है जिसमें सभी क्षेत्र वासी व अन्य श्रृद्धालू पूर्ण निष्ठा के साथ अपनी श्रद्धेय देवी मॉं भगवती के भव्य मंदिर निर्माण में सहायता प्रदान कर रहे हैं।
अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जायें।
गढ़वाल पट्टी खाटली सामाजिक विकास मंडल







2 टिप्पणियाँ
सराहनीय पहल 🙏 निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाकर आपने सच में जरूरतमंदों की सेवा की है।
जवाब देंहटाएंगढ़वाल पट्टी खटली सामाजिक विकास मंडल को बहुत-बहुत बधाई। ऐसे कार्यों से ही समाज में बदलाव आता है।
बहुत ही सराहनीय कदम है, ऐसे सामाजिक कार्य होते रहने चाहिए,,,,इसके साथ ही हमने कैंप में सम्मिलित जयंती रावत जी से निवेदन किया था कि स्वास्थ्य शिविर में लोगों को दारू से होनी वाली बीमारियों और घर बर्बादी के बारे में जरूर समझाये,, क्योंकि हमता मानना है कि आज गांव में दारू से बढ़कर कोई बड़ी बीमारी नहीं है, जिसे ठीक किया जा सके तो सबसे बेहतर काम होगा,,,
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