सपनों और मानसिक तनाव का संबंध


सपनों और मानसिक तनाव का संबंध  

मुझे अक्‍सर एक सपना आता है कि मैं ट्रेकिंग के लिए पहाड़ों पर गया हूं जोकि मेरा शौक है और साल में लगभग 1-2 बार जाता भी रहता हूं, मैं बहुत लंबी और खड़ी चढ़ाई को पार करने के बाद चोटी तक पहुंचता हूं मेरे साथ कई लोग होते हैं लेकिन मैं किसी को नहीं पहचानता हूं, चोटी से वापिस आते हुए मैं रास्‍ता भटकते हुए एक नदी के किनारे पहुंचता हूं हालांकि मैं अपने वास्‍तविक रास्‍ते से कुछ ही फलांग की दूरी पर ही हूं जिसके बीच में एक पहाड़ है। नदी के उस पार मेरी मंजिल है, नदी सामान्‍य रुप से बह रही है और उस पर एक पुल बना है जैसे ही मैं पुल पर चलने की कोशिश करता हूं तो नदी का पानी अचानक बढ़ने लगता है और उस पुल तक पहुंच जाता है जिससे पुल बहुत जोर-जोर से हिलने लगता है, बहुत कोशिश के बावजूद मैं पार नहीं कर पाता हूं और हारकर दोबारा चोटी पर जाता हूं और पूछते हुए सही रास्‍ते से नदी के किनारे पहुंचता हूं।

इस बार मैं आसानी से नदी पार लेता हूं और मगर जैसे ही मैं मंजिल तक पहुंचता हूं तो वहां कोई भी नहीं होता है जगह एकदम खाली होती है मैं जगह को भी नहीं पहचानता हूं। मुझे यह सपना अक्‍सर आता है और ऐसे और भी नकारात्‍मक सपने आते हैं। एक अन्‍य सपने में मैं न जाने कैसे ऑस्‍ट्रेलिया किसी के घर में हुई मौत का शोक मनाने पहुंच जाता हूं, मैं उन्‍हें पहचानता तक नहीं हूं।

दरअसल यह एक तरह का डर होता है जो आपके मन में बैठ जाता है जैसे मेरे मन में मौत संबंधित डर घर कर गया है। पिछले साल फरवरी की बात है जब मैं एनजायटी से बहुत ज्‍यादा प्रभावित था, मुझे हर हफ्‍ते एनजायटी अटैक आता था, इसी दौरान एक रात करीब 2-3 बजे अचानक मेरा फोन बजा और मुझे बताया गया कि हमारे एक करीबी रिश्‍तेदार की मौत हो गयी है। यह सुनते मैं बुरी तरह से कांप रहा था, मेरा दिल बहुत तेजी से धड़क रहा था और सांस लेने में भी दिक्‍कत हो रही थी मैं बेचैनी से इधर-उधर टहल रहा था, खुद को मनाने के लिए म्‍यूजिक सुनने की कोशिश करने लगा मगर नहीं मेरी हालत खराब होती जा रही थी, सुबह करीब 6 बजे तक मेरा यही हाल रहा। इसके बाद अटैक का असर खत्‍म हो रहा था। मैं इतना डर गया था कि मैं अपने उस रिश्‍तेदार के आखिरी दर्शन भी नहीं कर पाया मगर मैं किसी तरह हिम्‍मत करके उनकी अंते‍ष्‍ठी पर शमशान घाट भी गया ताकि मेरे डर कुछ कम हो सके, इससे मुझे थोड़ी राहत मिली।

तनाव के लक्षण 

अगर आप भी नकारात्‍मक सपने देखते हैं और गहरी नींद नहीं सो पाते हैं, गुम-सुम से रहते हैं, अकेले रहने का मन करता है, मन में नकारात्‍मक विचार और आत्‍मबल की कमी महसूस होती है तो आपको संभलने की जरुरत है। ये तनाव के लक्षण हैं और तनाव होने पर अक्‍सर हमें नकारात्‍मक विचार ही नहीं बल्कि सपने भी नकारात्‍मक आते हैं। ऐसे और भी कई नकारात्‍मक सपने हैं जो मुझे आते हैं लेकिन मैं भूल जाता हूं लेकिन रह-रह कर वे मेरे अवचेतन मन से सचेत मन में घूमते रहते हैं।

अगर आप बहुत ज्‍यादा भावनात्‍मक हैं, हर छोटी से छोटी चीज का ख्‍याल रखते हैं, अपनी छवि के प्रति बहुत ही संवेदनशील हैं और स्‍वभाव से संकोची हैं तो आपको मानसिक समस्‍या होने की ज्‍यादा संभावना है। महिलाएं इससे सबसे ज्‍यादा प्रभावित होती हैं।

बस इसीलिए चुपचाप जिए चला जाता हूं


याद रखें मनोचिकित्‍सक के पास जाने से बिल्‍कुल भी न हिचकिचाएं। हमारे देश में अभी भी यह माना जाता है कि अगर आप मनोचिकित्‍सक के पास जा रहे हैं तो आपको पागल समझा जाता है।

तनाव को दूर रखने के लिए मन का स्‍वस्‍थ होना जरुरी है, रोज ध्‍यान लगायें और योगाभ्‍यास करें और नशे से दूर रहें।


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